फ़लसफ़ा गांधी का मौजूं है कि नक्सलवाद है!!! बिलकुल इसी तर्ज़ पर आज नक्सलियों ने चलना शुरू कर दिया है..बिहार का मध्य इलाक़ा यूँ इसी बहाने हमेशा से सुर्ख़ियों में रहता आया है, जहां गौतम ने कभी शांती का सन्देश फैलाया था.मखदूम बिहारी ने अमन का पैग़ाम दिया था..आज हिंसा की चपेट में धू-धू कर रहा है.क्या माओ ने कभी विकास और शिक्षा का विरोध किया था.जवाब यक़ीनन नहीं में होगा.फिर आज नक्सली ऐसा क्यों कर रहे हैं।
शेरघाटी से मिली खबर अखबार की कतरनों से..एक
फिल्म भी है देख सकते हैं.

